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शनिवार, 26 जनवरी 2019

चौलाई के शास्त्रीय गुण-

चौलाई के शास्त्रीय गुण-


         रूक्षो मदविषघ्नश्च प्रशस्तो रक्तपित्तिनाम्।

    मधुरो मधुरः पाके शीतलस्तण्डुलीयकः॥ (.सू.स्थान)


मंगलवार, 22 मई 2018

बेल का औषधीय प्रयोग

                 बेल का औषधीय प्रयोग

वनस्पति परिचय-

बेल के लिए इमेज परिणामबेल के वृक्ष लगभग भारत के सभी प्रदेशों में पाये जाते है। तथा 40-50 फिट ऊंचे होते हैं। इसे बेल, बिल्व, श्रीफल, शांडिल्य, शैलूष, मालूर आदि अनेक नामों से जाना जाता है। यह वृक्ष फाल्गुन-चैत्र में पत्रविहीन हो जाता है तथा चैत्र- वैशाख में पुनः नये पत्रों के साथ सजकर हरा-भरा हो जाता है। औषधि निर्माण में इसके सभी अंगों का प्रयोग किया जाता है। चिकित्सीय योगों में बिल्व चूर्ण एवं दशमूल का प्रयोग वैद्य जगत रोगों को ठीक करने के लिए आधिकता से प्रयोग करता है।

शनिवार, 10 मार्च 2018

अडूसा

                                      अडूसा

अडूसा के औषधीय गुण के लिए इमेज परिणाम

औषध परिचय- इसके पौधे छोटे तथा झाडीदार होते हैं। इसे संस्कृत में वासा, वासक, अडूसा, आटरूषक, वृष, वाजिदन्त, वासिका आदि कहा जाता है। इस पर पुष्प का शरद ऋतु में आते हैं तथा गु्च्छों के रुप में लगते हैं। यह भारत के लगभग सभी स्थानों में पाये जाते हैं। निधण्टु में इसका स्थान गुडूच्यादि वर्ग के अन्दर है।

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