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शुक्रवार, 26 जून 2020

वर्षा ऋतु का स्वास्थ्य पर प्रभाव (Effect of rainy season on heath)

                      
                    ॥ओ३म्॥
           वर्षा ऋतु का स्वास्थ्य पर प्रभाव
        (Effect of rainy season on heath)

परिचय

वर्ष को दो भागों में विभक्त किया गया हैउतरायण और दक्षिणायन। उतरायण को आदानकाल और दक्षिणायन को विसर्गकाल कहा जाता है। आदानकाल काल में सूर्य अपनी गर्मी से जड़-जङ्गम सभी के बलों को क्षीण कर देता है, बलों का हरण कर लेता है जिससे सभी में व्याकुलता रहती है, आलस्य-प्रमाद बना रहता है। लेकिन विसर्गकाल में सूर्य की गर्मी (तेज) कम हो जाती है। इस समय चन्द्रमा बलवान् हो जाता है तथा आकाश बादलों से आच्छादित हो जाता है और वह मनमोहक हो जाता है। वर्षा एवं शीतल वायु के कारण पृथ्वी का तापमान कम हो जाता है। प्राणियों की व्याकुलता दूर हो जाती है। आलस्य-प्रमाद समाप्त हो जाता है, कार्य और भोजन में रुचि बढ़ जाती है।



बुधवार, 29 अप्रैल 2020

ग्रीष्म ऋतुचर्या (Summer season)


‌‌                             ॥ओ३म्॥

ग्रीष्म ऋतुचर्या (Summer season)

ग्रीष्म ऋतु का परिचय-

सर्दी और गर्मी को मिलाने वाली तथा गर्मी का प्रारंभ करने वाली वसंत ऋतु समाप्त हो जाने पर जिन महीने में गर्मी अपने पूरे रूप में पड़ने लगती है उस ऋतु का नाम ग्रीष्म ऋतु है। इन दिनों सूर्य अपने अपनी पूरी शक्ति से संसार को तपाता है। सूर्य का ताप प्रकाश और प्राण ग्रीष्म ऋतु में अधिक से अधिक प्राप्त होता है। इसलिए सूर्य से मिलने वाले इन वस्तुओं का हमें इस ऋतु में अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। सूर्य रश्मियों के सहारे से अपने मलों और विकारों को निकालकर निर्मलता और पवित्रता प्राप्त करनी चाहिए। यह काल आदान काल कहलाता है। साधारणतः समझा जाता है कि इस समय हमारा बल-शक्ति आदि क्षीण हो जाते हैं। परंतु यदि हम इस ऋतु का ठीक उपयोग करें तो इस द्वारा हमारा कोई भी वास्तविक बल क्षीण न होगाकिंतु आदित्यदेव की पवित्रता कारक किरणों के उपयोग से केवल मलदोष और विकार ही क्षीण होते हैं। सूर्य भगवान् हमारे शरीर में से केवल मलों और दोषों का आदान करके हमें पवित्र करते हैं।





शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2020

वसन्त ऋतु का स्वास्थ्य पर प्रभाव

               

वसन्त ऋतु (Spring Season)

 वसन्त ऋतु का परिचयइसके हिन्दी महीने चैत्र और वैशाख हैं, अंग्रेजी मार्च-अप्रैल। लेकिन राज्य व जलवायु भेद से अलग-अलग होता है। इस ऋतु से जाड़े का अन्त और गर्मी का आरम्भ होता है। वृद्धावस्था (शिशिर ऋतु) से वर्ष का अन्त तथा यौवनावस्था (वसन्त) से वर्ष का आरम्भ होता है।



गुरुवार, 28 नवंबर 2019

हेमन्त ऋतु में स्वास्थ्य सुरक्षा




                                        हेमन्त ऋतु में स्वास्थ्य सुरक्षा 

  (Health Care in Hemant Ritu, Winter Season)

परिचय (Introduction)— 

वर्ष की छह ऋतुओं में एक ऋतु है हेमन्त ऋतु बड़ा करें। यह अंग्रेजी महीने के अनुसार दिसम्बर से जनवरी तथा विक्रमी संवत् के अनुसार मार्गशीर्ष-पौष का महीनों में होती है। ऋतुपरिवर्तन अर्थात् राशि-परिवर्तन। इस ऋतु की राशि वृश्चिक और धनु है। इस ऋतु में मौसम सुहाना लेकिन थोड़ा कष्टकारी होता है। इस समय धरती चारों तरफ से हरियाली  कोहरे से ढंकी रहती है।  शीतल वायु चलती है।



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