जीने की कला लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
जीने की कला लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 6 नवंबर 2019


🔴 सफलता के सूत्र 🔴


प्रतिकूलता,
जीवन को बहुत ही
सुखदायी बनाते हैं,
पर हम उसे दु:ख का,
कारण बताते हैं,
जीवन के पथ पर,
अनेक सगे-संबंधी,
व मित्र मिलते हैं,
जो स्वार्थ सिद्ध,
करने में लगे होते हैं,
वही प्यार की बड़ी-बड़ी,
बात करते हैं,
इन सम्बन्धों की,
अनुकूलता-प्रतिकूलता,
की अनूभूति ही,
परमात्मा की याद दिलाती हैं,
क्योंकि वो ही कष्ट,
निवारण करता है,
अपने कष्ट निवारक के लिए,
परमात्मा की ही धज्जियां,
उड़ाने से मानव नहीं चूकता,
तो एक-दूसरे सम्बंधी,
की बात कौन करें,
संसार तो सहयोग,
से ही चलता है,

शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2019

हमारे जीवन में फूलों जैसी सुगंध और  मुस्कान हो-

फूल हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहते हैं। सर्दी, गर्मी या बरसात हो, आंधी या तूफान हो, या हो जायें डाली से अलग, हर परिस्थिति में अपनी मुस्कान सुगंध से दुनियां को सुख पंहुचाते हैं। इन्हें धागे में पिरो देते हैं तो गले का हार बन सम्मान दिलाते हैं, सुखकर भी जीवन रक्षक औषधि बन जाते हैं, हर हाल में ये हंसते-मुस्कुराते हैं।



मंगलवार, 21 मई 2019

कानून का दुरुपयोग, पति की व्यथा



🌹 कानून का दुरुपयोग, पति की व्यथा🌹

मैं थाने नहीं आऊंगा


अपने इस घर से कहीं नहीं जाउंगा,
माना पत्नी से थोडा मन मुटाव था,
सोच में अन्तर और विचारों में खिंचाव था,
विश्वास करिये सर ,

"मैनें दहेज नहीं मांगा"

बुधवार, 10 अप्रैल 2019

क्रोध से बचें

 क्रोध "अग्नि" है 


एक बंद मकान में कहीं से घूमता फिरता एक सांप घुस गया। वो किसी तरह लकड़ी चीरने वाली आरी से टकरा गया और वो थोड़ा घायल हो गया। घबराहट में सांप ने पलट कर आरी पर पूरी ताक़त से डंक मारा जिसके कारण उसके मुंह से खून निकलने लगा।गुस्से से तमतमाया सांप ने अपने व्यवहार के अनुसार आरी को लपेट लिया। आरी  को लपेट कर मारने की पूरी कोशिश की। अब सांप अपने क्रोध के कारण से बुरी तरह घायल हो गया।जब मकान मालिक किसी काम से मकान पर आया  तो सांप को आरी से लिपटा मरा हुआ देखा जो किसी और कारण से नहीं बल्कि अपने क्रोध के कारण जीवन लीला समाप्त कर डाला था।

बुधवार, 20 मार्च 2019

छाता की कहानी

छाता की कहानी-


एक व्यक्ति छाता बनाने तथा छाता मरम्मत करने का काम बड़े ही आनन्द, ईमानदारी लगन के साथ करता था। साथ ही साथ ईश्वर के नाम का जाप करता रहता था तथा अपने ग्राहकों को भी आध्यात्मिक बातें बताया करता था। ग्राहक उससे बहुत ही प्रसन्न रहते थे और उसे पसंद करते थे। उसे अपने कार्य से जीवन जीने के लिए पर्याप्त धन प्राप्त हो जाते थे।

रविवार, 10 फ़रवरी 2019

हमारे जीवन में फूलों जैसी सुगंध और मुस्कान हो

हमारे जीवन में फूलों जैसी सुगंध और  मुस्कान हो

फूल हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहते हैं। सर्दी, गर्मी या बरसात हो, आंधी या तूफान हो, या हो जायें डाली से अलग, हर परिस्थिति में अपनी मुस्कान सुगंध से दुनियां को सुख पंहुचाते हैं। इन्हें धागे में पिरो देते हैं तो गले का हार बन सम्मान दिलाते हैं, सुखकर भी जीवन रक्षक औषधि बन जाते हैं, हर हाल में ये हंसते-मुस्कुराते हैं।

शनिवार, 9 फ़रवरी 2019

चूहे की समस्या

चूहे की समस्या

एक ‘चूहा' एक कसाई के घर में बिल बना कर रहता था। एक दिन ‘चूहे' ने देखा कि उस कसाई और उसकी पत्नी एक थैले से कुछ निकाल रहे हैं। चूहे ने सोचा कि शायद कुछ खाने का सामान है। 

popular posts

शिवरात्रि पर भोलेनाथ का संदेश

                            🚩🚩🚩🐍शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं🚩🚩🚩🐍                              शिवरात्रि पर भोलेनाथ का संदेश-   स...

समर्थक