🔴 सफलता के सूत्र 🔴
प्रतिकूलता,
जीवन को बहुत ही
सुखदायी बनाते हैं,
पर हम उसे दु:ख का,
कारण बताते हैं,
जीवन के पथ पर,
अनेक सगे-संबंधी,
व मित्र मिलते हैं,
जो स्वार्थ सिद्ध,
करने में लगे होते हैं,
वही प्यार की बड़ी-बड़ी,
बात करते हैं,
इन सम्बन्धों की,
अनुकूलता-प्रतिकूलता,
की अनूभूति ही,
परमात्मा की याद दिलाती हैं,
क्योंकि वो ही कष्ट,
निवारण करता है,
अपने कष्ट निवारक के लिए,
परमात्मा की ही धज्जियां,
उड़ाने से मानव नहीं चूकता,
तो एक-दूसरे सम्बंधी,
की बात कौन करें,
संसार तो सहयोग,
से ही चलता है,
जीवन को बहुत ही
सुखदायी बनाते हैं,
पर हम उसे दु:ख का,
कारण बताते हैं,
जीवन के पथ पर,
अनेक सगे-संबंधी,
व मित्र मिलते हैं,
जो स्वार्थ सिद्ध,
करने में लगे होते हैं,
वही प्यार की बड़ी-बड़ी,
बात करते हैं,
इन सम्बन्धों की,
अनुकूलता-प्रतिकूलता,
की अनूभूति ही,
परमात्मा की याद दिलाती हैं,
क्योंकि वो ही कष्ट,
निवारण करता है,
अपने कष्ट निवारक के लिए,
परमात्मा की ही धज्जियां,
उड़ाने से मानव नहीं चूकता,
तो एक-दूसरे सम्बंधी,
की बात कौन करें,
संसार तो सहयोग,
से ही चलता है,






