सोमवार, 30 मार्च 2020

झूले की वैज्ञानिकता

                   
 झूले की वैज्ञानिकता

स्वास्थ्यवर्धक व मनोरंजक झूला- 

झूला झूलना शारीरिक मानसिक रोग को दूर करने में बहुत ही उपयोगी है तथा मनोरंजन का अच्छा साधन। सावन और बसन्त के झूले बहुत ही मनोहारी होते हैं।

सावन का महीना पवन करे सोर,जियरा रे झूमे ऐसे जैसे मनवा नाचे मोर।नाचें गाएं धूम मचायें बच्चे बुढ़े और जवान,रोग मिटाएं, तन-मन में उमंग जगायें, दवा पास न लायें।

झूले का महत्व-

शुक्रवार, 27 मार्च 2020

“वेदवाणी मासिक पत्रिका”


“वेदवाणी मासिक पत्रिका”

‘वेदवाणी’ अर्थात् वेद का वचन, कथन। वेद = ज्ञान। वाणी = वचन। वेद अर्थात् ज्ञान की चार पुस्तक  (ग्रन्थ) है जिसे ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद अथर्ववेद कहा जाता है। वेद मानव जीवन का सूचीपत्र (Catalogs) है। इसमें मानव के उत्थान-पतन का समस्त ज्ञान-विज्ञान है। वेद सब सत्य विद्याओं का पुस्तक है। इसका पढ़ना-पढ़ाना, सुनना-सुनाना मानव का परम धर्म है। परम = उत्कृष्ट, मुख्य, प्रधान, पूर्णरूप से। धर्म = धारण करने योग्य, अपनाने योग्य।



शनिवार, 21 मार्च 2020

अवसर अभी है

🔥।।ओ३म्।।🔥
"अवसर अभी है"
ज्ञान का सागर चार वेद,
यह वाणी है भगवान् की,

इसी से मिलती सब सामग्री,
जीवन के कल्याण की,
इसके विपरीत जो जायेंगा,
जीवन में कभी न सुख पायेंगा,
दिन-हीन व दु:ख सागर से,
कभी न निकल पायेगा,
जंगल को काट प्रकृति को,
उजाड़ा हमने,
जीवों को खाकर पेट को,
बनाया कब्रिस्तान है,
संतुलन बिगाड़ प्रकति का,
हमने स्वयं को संकट में है डाला ,
अभी तो "कोरोना" आया है,
आगे आगे देखो,
क्या-क्या आयेगा,
अभी भी संज्ञान न लिया तो,
तिल-तिल मरने को,
विवश हो जाओगे,
ईश्वर को चुनौती देने वाले,
ज्यादा नहीं थोड़ी समझ दिखाओं तुम,
जीवों की हत्या  बन्द करो,
प्रकृति संगीतमय बनायें हम,
जीवन का आनन्द लौटायें हम,
अपनों का साथ निभायें हम,
गौ पालन का अभियान चलाओ तुम,
जिसमें है तेंतीस कोटी,
देवताओं का निवास,
सुख-शान्ति का जिसमें वास,
रसायन मिश्रित मिल रहे हैं आहार सभी,
क्योंकि प्रकृति से प्यार नहीं,
हमें ब्रांडेड व विदेशी वस्तु से है प्यार,
स्वदेशी अपनाओ देश बचाओ,
महर्षि दयानन्द ने किया आह्वान है,
"चलो वेदों की ओर"
जय भारत 

शुक्रवार, 20 मार्च 2020

शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2020

वसन्त ऋतु का स्वास्थ्य पर प्रभाव

               

वसन्त ऋतु (Spring Season)

 वसन्त ऋतु का परिचयइसके हिन्दी महीने चैत्र और वैशाख हैं, अंग्रेजी मार्च-अप्रैल। लेकिन राज्य व जलवायु भेद से अलग-अलग होता है। इस ऋतु से जाड़े का अन्त और गर्मी का आरम्भ होता है। वृद्धावस्था (शिशिर ऋतु) से वर्ष का अन्त तथा यौवनावस्था (वसन्त) से वर्ष का आरम्भ होता है।



गुरुवार, 30 जनवरी 2020

बसन्त ऋतु का आगमन

                               

          🌻🌻 बसन्त ऋतु का आगमन🌻🌻


बसन्त ऋतु आयी,

प्रकृति ने ली अंगड़ाई,

ऋतुओं का राजा बसन्त आया,

प्रकृति का बुढ़ापा भगाया,

यौवन वापस लाया,

प्रकृति को दुल्हन सा सजाया,

गुरुवार, 23 जनवरी 2020

व्यायाम का महत्व (Importance of exercise )

             व्यायाम का महत्व

         (Important of exercise)

मानव जीवन का उद्देश्य है दु:ख से छुटना और सुख को पाना तथा इन सबका आधार है उत्तम स्वास्थ्य। कहा भी जाता है "पहला सुख निरोगी काया" अर्थात् जीवन के समस्त सुख-दु:ख के भोग का आधार है शरीर। संसार के चलचित्र को देखना है तो इस शरीर रुपी साधन का विकार रहित रहना अतिआवश्यक है। विकार रहित अर्थात् शरीर को स्वस्थ रखना। इसको स्वस्थ रखने का जो उपाय है आयुर्वेद में उसका नाम स्वस्थवृत (सुरक्षा कवच) है। उन अनेक उपाय में से एक उपाय है व्यायाम जिस पर हम बात करेंगे।
संसार के समस्त क्रियाओं के संचालन का आधार शक्ति और गति है। व्यायाम शारीरिक शक्ति और गति की वृद्धि का महत्वपूर्ण व उत्तम साधन है। व्यायाम का मतलब श्रम होता है। शारीरिक और मानसिक विकास के लिए श्रम अनिवार्य है। भारत के प्राचीन चिकित्सा वैज्ञानिकों (ऋषियों) ने हमें स्वास्थ्य रक्षा की ऐसी वैज्ञानिक विधियां प्रदान की है जिसके लिए न तो हमें अलग से हमें न धन की, न समय की आवश्यकता हैं। लगभग दैनिक कार्यों के माध्यम से हमें उत्तम स्वास्थ्य आसानी मिल जाता है।


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